मास्टर सिलेंडर के संरचनात्मक विशेषताएँ

Sep 10, 2025 संदेश छोड़ू

हाइड्रोलिक मास्टर सिलेंडर की कोर संरचना एवं वर्गीकरण |
हाइड्रोलिक मास्टर सिलेंडर ब्रेकिंग सिस्टम केरऽ "हृदय" के रूप म॑ काम करै छै, जेकरऽ संरचना सीधा ब्रेकिंग बल संचरण केरऽ दक्षता क॑ निर्धारित करै छै । कक्षक संख्याक आधार पर एकरा दू प्रकार मे बाँटल जा सकैत अछि : १.

 

एकल-चैम्बर मास्टर सिलेंडर: आमतौर पर प्रारंभिक वाहन मॉडल में प्रयोग किया जाता है|एकरऽ एकल दबाव कक्ष सरल संरचना प्रदान करै छै, लेकिन तेल रिसाव के कारण ब्रेक पूरा तरह स॑ खराब होय सकै छै । पिस्टन व्यास आम तौर पर 20-22mm स॑ ल॑ क॑ होय छै, जे हल्का-शुल्क वाहनऽ लेली उपयुक्त छै (SAE J1153 मानक देखलऽ जाय) ।

 

ड्यूल-चैम्बर मास्टर सिलेंडर: आधुनिक वाहनऽ म॑ मानक, जेकरा म॑ स्वतंत्र फ्रंट आरू रियर चैम्बर (जैना कि चित्र 1 म॑ दिखालऽ गेलऽ छै) के विशेषता छै । एक कक्ष मे विफलता दोसर कक्ष मे 50% ब्रेकिंग फोर्स बनाए रखबाक अनुमति भेटैत अछि । मास्टर सिलेंडर केरऽ बोर आकार 22-25mm स॑ ल॑ क॑ 10-12MPa (स्रोत: आईएसओ 4925) के दबाव प॑ काम करै छै ।

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